ब्लॉग पर पधारने के लिए धन्यवाद। यदि आप कवि या लेखक हैं तो आईए हम आपको मंच प्रदान करते हैं आप “काव्याकाश” से जुड़‌कर अपनी कविताएं, लेख, व्यंग्य, कहानी आदि प्रकाशित कर सकते हैं। अथवा "अनुसरण करें" पर किल्क करके हमसे जुड़ सकते हैं। आज ही ईमेल करें- kavyakash1111@gmail.com
क्षणिकाएँ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
क्षणिकाएँ लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 6 मार्च 2012

समाज

जब भी

होली का दिन आता है

वह भिखारी

बडा‌ खुश हो जाता है

क्योंकि

उसी दिन तो वह

फटे-पुराने कपडे‌ पहनकर

समाज में

गले मिल पाता है।

व्यवहार

होली पर हमें

उनका व्यवहार

बहुत भाता है

क्योंकि

हमारा खर्चा बच जाता है

और

रंग डालने के पहले ही

उनका चेहरा

गुस्से से लाल हो जाता है।

सोमवार, 31 जनवरी 2011

सांत्वना

वह
शादी के बाद
मुझे अपना
अच्छा दोस्त मानने लगा
सभी ने बधाई दी
मैंने तो केवल
सांत्वना दी थी। 

शुक्रवार, 28 जनवरी 2011

एन्टी वायरस

तुम
जब भी झूठ बोलते हो
मेरे दिल में
वायरस आ जाता है
इसका “एन्टी वायरस”
बाजार में नहीं ढूँढना पड़ता है
बस झूठ की जगह
सच बोलना पड़ता है।

पासवर्ड

मैं
तुम्हें
अपने दिल में बसाकर
पासवर्ड डालना चाहता हूँ
सच तो यह है
कि
पासवर्ड भी भूलना चाहता हूँ।

कंट्रोल

तुम
माउस पर
उंगली चलाती रहो
मैं
करसर बनकर
स्क्रीन पर दिखूंगा
ताकि
तुम्हारे कंट्रोल में रह सकूं।

दिल का पासवर्ड

सब कहते हैं
मेरी मेमोरी तेज है
लेकिन
मैं कहता हूँ
कि
मैं भुलक्कड़ हूँ
देखो न
जब से तुम
मेरे दिल में बसी हो
दिल का पासवर्ड भूल गया हूँ।

नया वायरस

मेरे दिल के पी सी में
नया वायरस आ गया है
स्केन करने पर
तुम्हारे पिता
और
भाई का नाम बता रहा है।

वाशिंग मशीन

नाराज पत्नी
मुझे देखकर
मुँह मोड़ने लगी
वाशिंग मशीन सही थी
फिर भी
हाथ से कपड़े निचोड़ने लगी
मैं समझ गया
आज मेरी खैर नहीं।