गुरुवार, 29 दिसंबर 2011
सान्निध्य: नववर्ष तुम्हारा अभिनन्दन
सान्निध्य: नववर्ष तुम्हारा अभिनन्दन: विगत वर्ष अब साँसें थामे करने को आगत का स्वागत अति उत्सहित है,’अभ्या्गत’ आओ हे नववर्ष तुम्हानरा अभिनन्दन। रश्मिरथी के दिव्यासन पर स...
रविवार, 25 दिसंबर 2011
नवगीत की पाठशाला: २२. लाएगा उपहार साल
नवगीत की पाठशाला: २२. लाएगा उपहार साल: दुखती रग सा साल रहा है सुख कम बहुत मलाल रहा है दिन महीने बीते बीते से छूट गये रीते रीते से लाएगा उपहार साल या फिर उड़ जाएगा इस बार ...
सान्निध्य: फिर आएगा नया साल
सान्निध्य: फिर आएगा नया साल: नव ऊर्जा सुप्रभात लिए फिर आएगा नया साल। इक इतिहास लिखा कल ने पूरब की धरा हुई रक्तिम प्रकृति की चढ़ी रही भृकुटी इक दिन भी शांत रही...
सोमवार, 24 अक्टूबर 2011
सान्निध्य: प्रकाश पर्व
सान्निध्य: प्रकाश पर्व: धरती पर उतर आया जैसे सितारों का कारवाँ आकाश में जाते पटाखों से टूटते तारों का उल्कापात सा आभास फूटता अमित प्रकाश टिमटिमाते दीपों से लगत...
शुक्रवार, 21 अक्टूबर 2011
नवगीत की पाठशाला: २५. उत्सव गीत
नवगीत की पाठशाला: २५. उत्सव गीत: कल था मौसम बौछारों का आज तीज और त्योहारों का रंग रोगन वंदनवारों का घर घर जा कर बंजारा नित इक नवगीत सुनाए। कल बिजुरी ने पावस गीत दीप...
गुरुवार, 13 अक्टूबर 2011
सान्निध्य सेतु: शब्द दो तुम मैं लिखूँगा
सान्निध्य सेतु: शब्द दो तुम मैं लिखूँगा: आज आक्रोश दिन पर दिन बढ़ रहा है। बात काश्मीर की हो या भ्रष्टाचार की,जन समस्याओं की हो या महँगाई की,राजनीति की हो या साहित्य की,आम आद...
सान्निध्य: विश्व दृष्टि दिवस
सान्निध्य: विश्व दृष्टि दिवस: बचें दृष्टि से दृष्टिदोष संकट फैला है चहुँ दिश। निकट, दूर या सूक्ष्म दृष्टि सिंहावलोकन हो चहुँ दिश।। दृष्टि लगे या दृष्टि पड़े जब डि...
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