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गुरुवार, 16 जुलाई 2015

सान्निध्य: डा0 रघुनाथ मिश्र 'सहज' पर कुण्‍डलिया छंद

सान्निध्य: डा0 रघुनाथ मिश्र 'सहज' पर कुण्‍डलिया छंद: डा0 रघुनाथ मिश्र *स‍हज* विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के अधिवेशन में सम्‍मान लेते हुए 1 सागर सा व्‍यक्तित्‍व है, जोश अपार अथाह। जन...

सोमवार, 13 जुलाई 2015

सान्निध्य: निश्‍चय ही सिरमौर, बनेगी अपनी हिन्‍दी (कुण्‍डलिया ...

सान्निध्य: निश्‍चय ही सिरमौर, बनेगी अपनी हिन्‍दी (कुण्‍डलिया ...: 1- हिन्‍दी की बस बात ही, करें न अब हम लोग। मिलजुल कर अब साथ ही, देना है सहयोग। देना है सहयोग, राजभाषा है अपनी। नहीं बनी अब तलक, राष्‍ट...

शनिवार, 11 जुलाई 2015

सान्निध्य: राम से नेह लगाया कर

सान्निध्य: राम से नेह लगाया कर: राम नाम संकीर्तन कर तू, तर जाएगा प्राणी। राम से नेह लगाया कर तू ,  तर जाएगा प्राणी।।  भवसागर से भरा हलाहल, क्‍या बिसात है तेरी। बिना पि...

सान्निध्य: मेरे घर आँगन में गौरैया नित आओ

सान्निध्य: मेरे घर आँगन में गौरैया नित आओ: मेरे घर आँगन में, गौरैया नित आओ।। ढेर परिंडे बाँधे, कई नीड़ बनवाये। विकसित किया सरोवर, कई पेड़ लगवाये। खुशबू से महके घर, मेरा नंदन कान...

सान्निध्य: अकसर लोग कहा करते हैं



सान्निध्य: अकसर लोग कहा करते हैं:     अकसर लोग कहा करते हैं लोक लुभावन मिसरे धूप हवा में धूप बड़ी।   कुछ पंछी स्‍वच्‍छंद विचरते कुछ पिँजरों में कैदी चहका क...

मंगलवार, 5 अगस्त 2014

मित्रों प्रणाम, आप सबके स्नेह से मुझे तुलसी जयंती पर भोपाल के हिंदी साहित्य सम्मेलन भवन में दिनांक 3 अगस्त 2014 को मध्य प्रदेश तुलसी साहित्य अकादमी द्वारा वर्ष 2014 का "तुलसी सम्मान" प्रदान किया गया। संबंधित चित्र संलग्न है। डॉ सुधीर गुप्ता "चक्र" (हास्य-व्यंग्य कवि)

मंगलवार, 1 अप्रैल 2014